कृषि अध्यादेश: मंडी कर्मचारियों की हड़ताल का असर, सात दिन से कृषि मंडी में अनाज की खरीद बंद, किसान हो रहे परेशान


संयुक्त संघर्ष मोर्चा मंडी बोर्ड भोपाल के आवाहन पर संयुक्त संघर्ष मोर्चा इकाई श्योपुर के कर्मचारियों द्वारा दिनांक 2.10. 2020 से क्रमिक भूख हड़ताल के संबंध में कलेक्टर महोदय को कलेक्ट्रेट  कार्यालय श्योपुर में 2:00 बजे ज्ञापन दिया गया ज्ञापन के दौरान जिला अध्यक्ष संजेश कुमार चतुर्वेदी, संरक्षक ओम प्रकाश गुप्ता ,उपाध्यक्ष गिर्राज गोयल ,पंकज कुमार , संभागीय अध्यक्ष सूरज सिंह, मीडिया प्रभारी केपी सिंह चौहान, आतिफ अली, लालचंड गोड,सुनील धूलिया, प्रवक्ता श्रीनिवास त्यागी ,अनुपम शुक्ला ,राजीव सिंह कुशवाह, नरसिंह बिहारी कटारे,सदस्य रामरतन जगनेरी, बनवारीलाल बैरागी,मायाराम शर्मा, संतोषी लाल शर्मा, खेमराज आर्य, हरिशंकर बाथम ,नारायण बैरागी, योगेश बाथम कपिल,दीपेन्द कुमार, बल्लू जाटव, धूलिया ,रफीक , श्यामा शर्मा सभी कर्मचारी उपस्थित रहे। 

सात दिन से मध्यप्रदेश के सभी जिलों की सभी कृषि उपज मंडियां बंद हैं। क्योंकि मंडी कर्मचारी मॉडल एक्ट के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।मंडी कर्मचारियों का कहना है, कि मंडी में टैक्स लगने के कारण मंडी व्यापारी भी बाहर खरीदी करेगा और मंडियों का अस्तित्व धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा,क्योंकि मंडियाँ टैक्स से ही चलती है। जिससे मंडी कर्मचारी वेतन-भत्ते व पेंशन न मिलने की आशंका से चिंतित है। इसलिए वे सरकार से मांग कर रहे है ,कि उनके वेतन-भत्तो की सुरक्षा सुनिश्चित किया जावे। वहीं व्यापारी मंडी का टैक्स 1.5 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत किए जाने एवं 0.2 प्रतिशत निराश्रित टैक्स पूरी तरह समाप्त करने के साथ अनुज्ञप्ति लेने का (गेट पास) का प्रावधान समाप्त करने की मांग लेकर 24 सितंबर से हड़ताल पर हैं। मंडी कर्मचारी व व्यापारियों की हड़ताल के चलते किसान बीते एक सप्ताह से फसल सही दाम पर नहीं बेच पा रहे हैं। ऐसे में किसान अपनी फसल औने-पौने दाम पर मंडी प्रांगण के बाहर के व्यापारियों को बेच रहे हैं, जिससे किसानों को घाटा हो रहा है।

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